CoinDCX के को-फाउंडर्स सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल को ₹71 लाख के कथित क्रिप्टो फ्रॉड केस में गिरफ्तार किया गया। जानें पूरा मामला, कंपनी का बयान और क्या है सच्चाई।
भारत के तेजी से बढ़ते क्रिप्टो सेक्टर को बड़ा झटका लगा है। देश के प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल को कथित धोखाधड़ी और ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला लगभग ₹71.6 लाख की कथित ठगी से जुड़ा बताया जा रहा है।
## 🚨 क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह मामला एक शिकायत पर आधारित है जिसमें आरोप लगाया गया कि निवेशकों को क्रिप्टो निवेश और फ्रेंचाइज़ी के नाम पर मोटा मुनाफा देने का लालच दिया गया। इसके बाद उनसे लाखों रुपये लिए गए लेकिन वादे पूरे नहीं किए गए।
बताया गया है कि यह कथित धोखाधड़ी अगस्त 2025 से फरवरी 2026 के बीच हुई और कुल ₹71 लाख से अधिक की रकम का लेनदेन हुआ।
पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की, जिसके बाद दोनों संस्थापकों को बेंगलुरु से हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया गया।
## 🏢 कंपनी ने क्या कहा?
CoinDCX ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि यह पूरा मामला **फर्जी वेबसाइट और ब्रांड इम्पर्सनेशन (नकली पहचान)** से जुड़ा है।
कंपनी के अनुसार:
कंपनी ने यह भी बताया कि उसने 2024 से 2026 के बीच **1200 से ज्यादा फर्जी वेबसाइट्स** की पहचान की है, जो उसके नाम पर चल रही थीं।
⚠️ बढ़ते साइबर फ्रॉड पर सवाल
यह मामला भारत में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल और क्रिप्टो फ्रॉड की गंभीरता को उजागर करता है।
इन सबके जरिए आम निवेशकों को निशाना बनाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं क्रिप्टो इंडस्ट्री में निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं और सरकार की निगरानी (regulation) को और सख्त बना सकती हैं।
## 🔍 आगे क्या?
## 📌 निष्कर्ष
क्योंकि एक छोटी सी गलती बड़े नुकसान में बदल सकती है|
