बेलारूस ने क्रिप्टो दुनिया में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश के हाई-टेक पार्क (HTP) ने आधिकारिक तौर पर पहले दो क्रिप्टो बैंकों को रेजिडेंट के रूप में पंजीकृत कर दिया है। यह कदम 28 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर तुर्चिन की अध्यक्षता में हुए नॉब्जरवेटरी बोर्ड की बैठक में लिया गया।
ये दोनों संस्थान राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के डिक्री नंबर 19 के तहत काम करेंगे, जो जनवरी 2026 में जारी हुआ था और जुलाई 2026 में प्रभावी हुआ। इस डिक्री के तहत क्रिप्टो बैंक पारंपरिक बैंकिंग सेवाओं के साथ डिजिटल एसेट्स (टोकन) की सेवाएं एक ही छत के नीचे दे सकेंगे।
क्या कर सकेंगे ये क्रिप्टो बैंक?
क्रिप्टो बैंक फिएट करेंसी डिपॉजिट, डिजिटल एसेट कस्टडी, टोकन ट्रांसफर, एक्सचेंज और संबंधित वित्तीय सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। ये संस्थान हाई-टेक पार्क के रेजिडेंट होंगे और राष्ट्रीय बैंक (National Bank of Belarus) के रजिस्टर में शामिल होने के बाद ही पूरी तरह ऑपरेट कर पाएंगे। फिलहाल दोनों बैंकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन अधिकारियों के अनुसार ये क्रिप्टो मार्केट के अनुभवी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पहले ही टीम, आईटी सिस्टम और कानूनी ऑडिट पूरे कर लिए हैं।
अन्ना रयाबोवा (HTP सुपरवाइजरी बोर्ड सचिवालय प्रमुख) ने कहा कि ये दोनों क्रिप्टो बैंक अभी अपनी यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। पहले HTP रेजिडेंसी, फिर नेशनल बैंक की एक्रेडिटेशन।
क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?
दुनिया भर में क्रिप्टो बैंकिंग को लेकर नियम-कानून तेजी से बन रहे हैं। बेलारूस जैसे देश ने स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाकर दिखाया है कि क्रिप्टो को पारंपरिक फाइनेंस के साथ जोड़ा जा सकता है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और कानूनी रूप से क्रिप्टो सेवाएं उपलब्ध होंगी।
भारत में भी क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स को लेकर चर्चा जारी है। बेलारूस का यह कदम दिखाता है कि सही रेगुलेशन के साथ क्रिप्टो बैंकिंग मेनस्ट्रीम बन सकती है। भारतीय निवेशकों और एन्थुसिएस्ट्स के लिए यह घटना महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक स्तर पर रेगुलेटेड क्रिप्टो सेवाओं का विस्तार हो रहा है।
आगे क्या?
दोनों बैंकों को नेशनल बैंक के क्रिप्टो बैंक रजिस्टर में शामिल होना बाकी है। उम्मीद है कि 2026 के उत्तरार्ध में वे पूर्ण रूप से सेवाएं शुरू कर सकेंगे। बेलारूस में पहले से ही कई क्रिप्टो एक्सचेंज और ब्रोकर्स HTP रेजिडेंट हैं। अब क्रिप्टो बैंकों के आने से पूरा इकोसिस्टम और मजबूत होगा।
क्रिप्टो दुनिया लगातार विकसित हो रही है। बेलारूस जैसे देशों के कदम से साफ है कि रेगुलेटेड क्रिप्टो बैंकिंग भविष्य का हिस्सा बनने वाली है। Bitcoin in Bharat पर हम ऐसी वैश्विक खबरों को सरल हिंदी में लाते रहेंगे ताकि भारतीय क्रिप्टो समुदाय अपडेटेड रहे।
नोट: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। क्रिप्टोकरेंसी निवेश जोखिम भरा हो सकता है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपनी रिसर्च करें।







