सोमवार, 22 जून 2026

Bitcoin 50% टूटने के बाद क्या करें? Dip में खरीदें या Crypto से दूर रहें – निवेशकों के लिए पूरी गाइड 2026


Bitcoin अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 50% गिर चुका है। क्या यह खरीदारी का मौका है या Crypto से दूर रहने का समय? जानिए एक्सपर्ट्स की राय, जोखिम और निवेश रणनीति।

Bitcoin 50% गिरा: क्या यह खरीदारी का मौका है या Crypto से दूरी बनाने का समय?

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी Bitcoin अपने रिकॉर्ड हाई स्तर से लगभग 50% तक टूट चुकी है। इस तेज गिरावट ने निवेशकों के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या यह "Buy the Dip" का मौका है या फिर Crypto मार्केट से दूरी बनाए रखना ही समझदारी होगी?

हाल के आंकड़ों के अनुसार Bitcoin अक्टूबर 2025 के लगभग 1.26 लाख डॉलर के उच्च स्तर से गिरकर 60,000–65,000 डॉलर के दायरे में पहुंच गया है। 

आखिर Bitcoin इतनी तेजी से क्यों गिरा?

इस बार की गिरावट 2022 के FTX संकट या 2018 के क्रिप्टो बुलबुले जैसी नहीं मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा दबाव के पीछे कई वैश्विक आर्थिक कारण हैं:

* अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता

* मजबूत अमेरिकी डॉलर

* भू-राजनीतिक तनाव

* संस्थागत निवेशकों की कमजोर मांग

* Bitcoin ETF से निकासी

इन कारणों ने जोखिम वाले निवेश विकल्पों पर दबाव बढ़ाया है, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी भी शामिल है। 

 क्या Dip में खरीदना सही रणनीति है?

इतिहास बताता है कि Bitcoin में बड़ी गिरावटें पहले भी आई हैं और हर बार लंबी अवधि में रिकवरी देखने को मिली है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर गिरावट के बाद तुरंत तेजी आएगी।

कई बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि निवेशकों को जल्दबाजी में बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध निवेश (SIP या DCA Strategy) अपनानी चाहिए। वहीं कुछ विश्लेषकों का कहना है कि अभी और कमजोरी देखने को मिल सकती है, इसलिए जोखिम को समझना बेहद जरूरी है। 

 नए निवेशकों के लिए क्या सलाह है?

यदि आप पहली बार Bitcoin में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें:

 1. छोटी रकम से शुरुआत करें

विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती निवेशकों को अपनी कुल निवेश राशि का केवल छोटा हिस्सा ही क्रिप्टो में लगाना चाहिए। 

2. केवल Bitcoin और Ethereum जैसे बड़े प्रोजेक्ट चुनें

कम प्रसिद्ध टोकन अधिक जोखिम भरे हो सकते हैं। शुरुआती निवेशक ब्लू-चिप क्रिप्टो एसेट्स पर फोकस कर सकते है।

3. एक बार में पूरी राशि निवेश न करें

Dollar Cost Averaging (DCA) रणनीति बाजार की अस्थिरता को कम करने में मदद कर सकती है।

4. केवल उतना ही निवेश करें जितना खोने का जोखिम उठा सकें

क्रिप्टो अभी भी दुनिया के सबसे जोखिमपूर्ण निवेश विकल्पों में गिना जाता है।

 भारत में Crypto निवेशकों के लिए अतिरिक्त चुनौती

भारतीय निवेशकों को यह समझना चाहिए कि क्रिप्टो पर होने वाले मुनाफे पर 30% टैक्स लागू है। साथ ही, क्रिप्टो बाजार के लिए पारंपरिक शेयर बाजार जैसी निवेशक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इसलिए निवेश का निर्णय पूरी जानकारी और जोखिम समझने के बाद ही लेना चाहिए। 

लंबी अवधि के निवेशकों का नजरिया

क्रिप्टो समुदाय में कई अनुभवी निवेशक बाजार को समय देने की बजाय नियमित निवेश को बेहतर रणनीति मानते हैं। Reddit और अन्य निवेश मंचों पर भी कई निवेशकों ने माना है कि लंबे समय तक निवेश बनाए रखना अक्सर बाजार की टाइमिंग करने से बेहतर साबित होता है। 

Bitcoin में आगे क्या हो सकता है?

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक दबाव कम होते हैं और ETF निवेश दोबारा बढ़ता है, तो Bitcoin में रिकवरी देखने को मिल सकती है। वहीं कमजोर संस्थागत मांग और वैश्विक अनिश्चितताएं निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव जारी रख सकती हैं। 


निष्कर्ष

Bitcoin का 50% गिरना निश्चित रूप से डराने वाला है, लेकिन यह पहली बार नहीं हुआ है। निवेशकों को भावनाओं में आकर निर्णय लेने के बजाय अपने जोखिम स्तर, निवेश अवधि और वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए।

यदि आप क्रिप्टो को समझते हैं और लंबी अवधि का नजरिया रखते हैं, तो चरणबद्ध निवेश पर विचार किया जा सकता है। लेकिन यदि आप तेज मुनाफे की उम्मीद में निवेश करना चाहते हैं, तो मौजूदा बाजार परिस्थितियों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

याद रखें: Crypto में सबसे महत्वपूर्ण नियम है—जितना जोखिम उठा सकें, उससे अधिक कभी निवेश न करें।





शनिवार, 20 जून 2026

FIU की बड़े Crypto OTC डील्स पर सख्त नजर, एक्सचेंजेस से $10,000+ ट्रांजेक्शन का डेटा मांगा | क्रिप्टो इन्वेस्टर्स को सलाह IBitcoinInBharat

भारत में FIU-IND ने बड़े क्रिप्टो OTC ट्रेड्स की जांच शुरू कर दी है। $10,000 से ऊपर के ओवर-द-काउंटर डील्स पर एक्सचेंजेस को डेटा शेयर करने के निर्देश। मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए नई पहल। पूरी डिटेल्स पढ़ें।FIU ने बड़े Crypto OTC डील्स पर सख्त नजर रखना शुरू किया: एक्सचेंजेस से ट्रेड डेटा मांगा

भारतीय क्रिप्टो इंडस्ट्री में एक बार फिर रेगुलेटरी नजर सख्त होती नजर आ रही है। फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU-IND) ने बड़े ओवर-द-काउंटर (OTC) क्रिप्टो डील्स को अपने स्कैनर में ले लिया है। सूत्रों के मुताबिक, FIU ने कम से कम तीन प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजेस को $10,000 (लगभग ₹8.5 लाख) से ज्यादा के OTC ट्रांजेक्शन का पूरा डेटा शेयर करने के लिए कहा है।यह कदम मनी लॉन्ड्रिंग और अनट्रेस्ड फंड्स को ट्रैक करने के उद्देश्य से उठाया गया है, खासकर उन क्लोजली-हेल्ड कंपनियों और हाई-नेटवर्थ क्लाइंट्स की डील्स पर जहां बेनिफिशियल ओनर (असली मालिक) की पहचान करना मुश्किल होता है।

OTC डील्स क्यों आ रहे हैं फोकस में?

OTC ट्रेड्स सामान्य एक्सचेंज ट्रेडिंग से अलग होते हैं। इनमें:प्लेटफॉर्म खुद ऑर्डर अपने किताबों पर लेता है

अपनी फंडिंग से क्रिप्टो खरीदता है

फिर काउंटर-पार्टी ढूंढता है

इससे बड़े अमाउंट की ट्रेडिंग बिना मार्केट प्राइस में उतार-चढ़ाव के हो जाती है। खासकर बड़े क्लाइंट्स को प्राइवेट वॉलेट में क्रिप्टो विड्रॉ करने की आसानी भी मिलती है।

एक इंडस्ट्री सोर्स के अनुसार, “OTC के जरिए खरीदने वाले क्लाइंट्स प्राइवेट वॉलेट में विड्रॉ करने पर जोर देते हैं।” एक बार वॉलेट में ट्रांसफर होने के बाद एसेट्स को दुनिया में कहीं भी भेजा जा सकता है, जो रेगुलेटर्स के लिए चिंता का विषय है।

FIU का एक्शन: क्या मांगा गया है?

मई के अंत में हुई मीटिंग के बाद प्रमुख एक्सचेंजेस को अलग-अलग निर्देश दिए गए।

$10,000 से ऊपर के सभी OTC ट्रेड्स का डेटा शेयर करना।

जनवरी 2026 से अब तक के OTC रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखने के निर्देश।

संदिग्ध ट्रांजेक्शन रिपोर्ट्स (STRs) के अलावा अतिरिक्त जानकारी।

FIU-IND वित्त मंत्रालय के अधीन काम करता है और इसका मुख्य काम मनी लॉन्ड्रिंग तथा टेरर फाइनेंसिंग को रोकना है।KYC और AML की चुनौतियांOTC डील्स ज्यादातर प्राइवेट कंपनियों के जरिए होती हैं। यहां KYC (Know Your Customer) करना रिटेल इन्वेस्टर्स की तुलना में ज्यादा जटिल होता है। डायरेक्टर्स और अल्टीमेट बेनिफिशियल ओनर्स (UBOs) की सही पहचान में दिक्कतें आती हैं। कभी-कभी फेक आईडी का इस्तेमाल भी देखा गया है।एक्सचेंजेस एन्हांस्ड ड्यू डिलिजेंस करते हैं, लेकिन विड्रॉ के बाद एसेट्स पर उनका कोई कंट्रोल नहीं रहता।

भारतीय क्रिप्टो इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा?

यह खबर क्रिप्टो मार्केट के लिए मिश्रित संकेत है:

पॉजिटिव: पारदर्शिता बढ़ेगी, लॉन्ग टर्म में इंडस्ट्री की क्रेडिबिलिटी मजबूत होगी।

चुनौती: बड़े इंस्टीट्यूशनल और HNI क्लाइंट्स के लिए प्रोसेस और सख्त हो सकता है।

रिटेल इन्वेस्टर्स पर सीधा असर कम होने की उम्मीद है, लेकिन ओवरऑल कंप्लायंस की जरूरत बढ़ जाएगी।

भारत में क्रिप्टो पर 30% टैक्स और 1% TDS पहले से लागू है। FIU-IND के साथ रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। यह नया कदम रेगुलेटेड फ्रेमवर्क को और मजबूत करने की दिशा में माना जा रहा है।

निष्कर्ष और सलाह:

क्रिप्टो इन्वेस्टर्स को सलाह है कि हमेशा FIU-रजिस्टर्ड और कंप्लायंट प्लेटफॉर्म्स का ही इस्तेमाल करें। KYC प्रोसेस को पूरा रखें और बड़े ट्रांजेक्शंस में स्रोत का साफ रिकॉर्ड रखें।भारत क्रिप्टो को पूरी तरह बैन नहीं करना चाहता, बल्कि इसे रेगुलेट करके मुख्यधारा में लाना चाहता है। FIU का यह कदम उसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण स्टेप है।BitcoinInBharat पर हम लगातार भारत में क्रिप्टो रेगुलेशन, टैक्स और मार्केट अपडेट्स पर नजर रखते हैं। इस खबर पर कोई अपडेट आए तो हम तुरंत शेयर करेंगे।

आपकी राय क्या है? कमेंट में बताएं – क्या OTC पर ज्यादा रेगुलेशन क्रिप्टो को मजबूत बनाएगा या चुनौतियां बढ़ाएगा? 


नोट: यह लेख Economic Times रिपोर्ट पर आधारित है। 


बुधवार, 10 जून 2026

Trump Crypto Empire: कैसे Trump परिवार ने Crypto से कमाए अरबों डॉलर, जबकि लाखों निवेशकों को हुआ भारी नुकसान?

 
Reuters की जांच में खुलासा: Donald Trump और उनके परिवार ने क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स से अरबों डॉलर कमाए, जबकि लाखों निवेशकों को भारी घाटा हुआ। जानिए $TRUMP Coin, World Liberty Financial और Trump Crypto Model की पूरी कहानी।

Trump Crypto Empire: परिवार की कमाई, निवेशकों की तबाही

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में अक्सर यह कहा जाता है कि "High Risk, High Reward"। लेकिन हाल ही में प्रकाशित एक Reuters जांच ने एक अलग तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और उनके परिवार से जुड़े कई क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स ने परिवार को अरबों डॉलर का लाभ पहुंचाया, जबकि बड़ी संख्या में खुदरा निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

Reuters जांच में क्या सामने आया?

Reuters की विस्तृत जांच के अनुसार, 2024 के बाद से Trump परिवार ने विभिन्न क्रिप्टो परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 2.3 अरब डॉलर का लाभ अर्जित किया। दूसरी ओर, इन प्रोजेक्ट्स में निवेश करने वाले लाखों निवेशकों के पोर्टफोलियो का मूल्य तेजी से गिरा।

जांच में मुख्य रूप से चार प्रोजेक्ट्स का उल्लेख किया गया है:

* World Liberty Financial

* TRUMP

* AI Financial Corp

* American Bitcoin


इन सभी में एक समान पैटर्न देखने को मिला: ब्रांड और राजनीतिक प्रभाव का उपयोग करके निवेशकों को आकर्षित करना, जबकि परिवार ने अपेक्षाकृत कम जोखिम लेकर भारी वित्तीय लाभ कमाया। ([Reuters][1])

$TRUMP Coin: हाइप से क्रैश तक

जनवरी 2025 में लॉन्च किया गया $TRUMP Meme Coin शुरुआत में जबरदस्त चर्चा का केंद्र बना। कई निवेशकों ने यह मानकर निवेश किया कि राष्ट्रपति के नाम से जुड़ा प्रोजेक्ट भविष्य में बड़ा रिटर्न देगा।


लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, टोकन की कीमत अपने उच्चतम स्तर से लगभग 97% तक गिर गई। वहीं, Trump परिवार ने टोकन बिक्री और संबंधित गतिविधियों से सैकड़ों मिलियन डॉलर की कमाई की। 

यह घटना फिर साबित करती है कि Meme Coins में निवेश अक्सर भावनाओं और प्रचार पर आधारित होता है, न कि वास्तविक उपयोगिता पर।

World Liberty Financial: लोकतांत्रिक वित्त या निवेशकों का जाल?

World Liberty Financial को "फाइनेंस का लोकतंत्रीकरण" करने वाले प्लेटफॉर्म के रूप में प्रचारित किया गया था। लेकिन Reuters के अनुसार, इसके Governance Tokens की कीमत में लगभग 87% तक गिरावट आई और निवेशकों के टोकन लंबे समय तक लॉक रहने की स्थिति में हैं। 

इसके बावजूद, टोकन बिक्री से Trump परिवार को 1.4 अरब डॉलर से अधिक का लाभ मिलने का अनुमान लगाया गया है। 

निवेशकों ने क्यों किया भरोसा?

Reuters ने जिन निवेशकों से बात की, उनमें से अधिकांश Trump की व्यावसायिक छवि और राजनीतिक प्रभाव से प्रभावित थे। कई निवेशकों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पर्याप्त रिसर्च नहीं की और केवल नाम तथा प्रचार के आधार पर निवेश कर दिया। 

यह स्थिति क्रिप्टो निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है:

* केवल सेलिब्रिटी या राजनीतिक नाम देखकर निवेश न करें।

* प्रोजेक्ट की टोकनोमिक्स समझें।

* टीम, उपयोगिता और जोखिम का विश्लेषण करें।

* FOMO (Fear of Missing Out) से बचें।

क्या यह अवैध है?

Reuters की रिपोर्ट में कई विशेषज्ञों ने कहा कि नैतिक सवाल जरूर उठते हैं, लेकिन उपलब्ध सबूतों के आधार पर इन गतिविधियों को सीधे तौर पर अवैध नहीं कहा जा सकता। अभी तक किसी स्पष्ट "quid pro quo" या राजनीतिक लाभ के बदले आर्थिक लाभ का प्रमाण सामने नहीं आया है। ([Reuters][1])

हालांकि, आलोचकों का मानना है कि सार्वजनिक पद और निजी क्रिप्टो व्यवसायों का यह मेल भविष्य में नियामकीय बहस को और तेज कर सकता है। ([Reuters][2])

BitcoinInBharat का विश्लेषण

Trump Crypto Model हमें एक महत्वपूर्ण सच्चाई याद दिलाता है—क्रिप्टो मार्केट में सबसे बड़ा जोखिम टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि मानव मनोविज्ञान है।

जब किसी प्रोजेक्ट का मूल्य उसके वास्तविक उपयोग से ज्यादा किसी व्यक्ति, ब्रांड या राजनीतिक प्रभाव पर आधारित हो जाता है, तो शुरुआती लाभ अक्सर अंदरूनी खिलाड़ियों को मिलता है और जोखिम आम निवेशक उठाते हैं।

Bitcoin, Ethereum जैसी स्थापित डिजिटल संपत्तियों और उच्च जोखिम वाले Meme Coins के बीच अंतर समझना आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।

 निष्कर्ष

Reuters की जांच ने क्रिप्टो उद्योग में प्रभाव, ब्रांडिंग और निवेशक व्यवहार के खतरनाक मिश्रण को उजागर किया है। Trump परिवार की क्रिप्टो सफलता और निवेशकों के नुकसान की कहानी केवल अमेरिकी राजनीति की खबर नहीं है, बल्कि दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक चेतावनी है।

**क्रिप्टो में निवेश करने से पहले हमेशा DYOR (Do Your Own Research) करें, क्योंकि मार्केट में सबसे महंगा सबक अक्सर भरोसे की कीमत पर मिलता है।** 


बुधवार, 3 जून 2026

Bitcoin Inflation Hedge की उम्मीद धरी रह गई? पिछले एक साल में 36% Crash के बाद BTC का Future क्या है | BitcoinInBharat

 
Bitcoin 36% गिरावट के बाद inflation hedge की धारणा पर सवाल उठ गए हैं। Bloomberg रिपोर्ट का विश्लेषण, कारण, भारतीय निवेशकों के लिए सबक और लॉन्ग टर्म आउटलुक। BitcoinInBharat पर पढ़ें।

Bitcoin Inflation Hedge की उम्मीद टूट गई? 

36% Plunge के बाद क्या करें भारतीय निवेशक BitcoinInBharat की सलाह|

 Bitcoin को लंबे समय से "डिजिटल गोल्ड" कहा जाता रहा है – inflation के खिलाफ हेज के रूप में। लेकिन हालिया घटनाक्रम ने इस narrative को बुरी तरह झकझोर दिया है। Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में Bitcoin में 36% की गिरावट आई है और यह $70,000 के नीचे चला गया है। Inflation की चिंताएं बढ़ रही हैं, लेकिन BTC ऊपर जाने की बजाय नीचे जा रहा है। 


क्या कहती है Bloomberg रिपोर्ट?

Bitcoin पिछले साल 36% गिरा और इस हफ्ते $70,000 से नीचे आ गया।

Investors Bitcoin ETFs से पैसे निकाल रहे हैं।

Geopolitical tensions के बावजूद traditional safe havens (जैसे Gold) की तरफ रुझान बढ़ा।

US में AI boom से electricity demand बढ़ने से energy costs और inflation की आशंका।

Inflation-adjusted basis पर Bitcoin holders को लगभग 39% का नुकसान।

यह डेटा Bitcoin के सबसे बड़े selling point – fixed supply (21 मिलियन cap) और fiat currency के मुकाबले scarcity – को challenge कर रहा है।

क्यों फेल हो रहा है Inflation Hedge का Theory?

Bitcoin enthusiasts का तर्क हमेशा यही रहा कि central banks जितनी चाहें fiat print कर सकते हैं, लेकिन BTC की supply fixed है। इसलिए high inflation में यह gold की तरह perform करेगा।लेकिन हकीकत अलग है:Short-term में Bitcoin risk asset की तरह behave करता है – stock market (खासकर Nasdaq) से high correlation।

Liquidity tighten होने, interest rates high रहने या risk-off sentiment में यह तेजी से गिरता है।

2026 में energy-driven inflation आ रही है, लेकिन BTC लाभ की बजाय नुकसान उठा रहा है।

Duke University के Professor Cam Harvey का कहना है कि short-term inflation hedge के रूप में Bitcoin पर भरोसा करने से पहले दोबारा सोचना चाहिए। Randomness बहुत ज्यादा है।भारतीय निवेशकों के लिए Implicationsभारत में Bitcoin और crypto को लेकर regulatory uncertainty बनी हुई है, लेकिन retail interest लगातार बढ़ रहा है। 

इस स्थिति से हमें क्या सीखना चाहिए?

Diversification जरूरी है — सारा portfolio Bitcoin में न लगाएं। Gold, equities, fixed income और कुछ international exposure रखें।

Long-term Perspective — Bitcoin का track record volatile रहा है। 2022 crash के बाद भी यह नई highs पर पहुंचा। Halving cycles, adoption (ETFs, institutional buying) और technological development अभी भी bullish signals हैं।

Macro Factors Watch करें — US Fed की policy, inflation data (CPI), geopolitical events (Middle East tension) और Dollar strength का BTC पर सीधा असर पड़ता है।

Rupee Cost Averaging (RCA) — Volatility का फायदा उठाएं। Regular छोटी रकम invest करें बजाय lump sum के।

Gold vs Bitcoin: 2026 में कौन बेहतर?

इस साल traditional gold ने बेहतर performance दिखाया है जबकि Bitcoin struggle कर रहा है। Gold लगातार safe haven demand से मजबूत हो रहा है। लेकिन लंबी दौड़ में Bitcoin की scarcity और growing utility (Lightning Network, DeFi, nation-state adoption) इसे अलग मुकाम दे सकती है।


निष्कर्ष:

Bloomberg की यह रिपोर्ट Bitcoin skeptics को ammunition देगी, लेकिन enthusiasts के लिए यह reminder है कि कोई asset "guaranteed" hedge नहीं होता। Bitcoin अभी भी high-risk, high-reward asset है – technological revolution का हिस्सा, न कि purely inflation protection tool।

भारतीय निवेशक क्या करें? 

 DYOR (Do Your Own Research) करें।

केवल उतना invest करें जितना lose करने की क्षमता हो।

लॉन्ग टर्म (5+ साल) होराइजन रखें।

Portfolio का 5-10% से ज्यादा crypto में न रखें (risk appetite के अनुसार)।

Bitcoin की journey अभी जारी है। 36% plunge दर्दनाक है, लेकिन crypto market cycles में यह नया नहीं। Adoption बढ़ रहा है, regulation clarity आ रही है (US में भी), और technology evolve कर रही है।आप क्या सोचते हैं? Comment में बताएं – क्या आपको Bitcoin अभी भी inflation hedge लगता है या pure speculative asset?

Disclaimer: यह लेख सूचना प्रयोजन के लिए है। Investment advice नहीं। Crypto investments high risk वाले होते हैं। Financial advisor से सलाह लें।




Bitcoin 50% टूटने के बाद क्या करें? Dip में खरीदें या Crypto से दूर रहें – निवेशकों के लिए पूरी गाइड 2026

Bitcoin अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 50% गिर चुका है। क्या यह खरीदारी का मौका है या Crypto से दूर रहने का समय? जानिए एक्सपर्ट्स की राय, जोखिम और...