शनिवार, 30 जून 2018

भारत में बिटकॉइन के भविष्य को लेकर अगले महीने तस्वीर साफ हो जाएगी

 
भारत में बिटकॉइन समेत सभी क्रिप्टोकरेंसी के लिए जुलाई काफी महत्वपूर्ण है। एक तरफ सुप्रीम कोर्ट  3 जुलाई को क्रिप्टोकरेंसी पर रिजर्व बैंक द्वारा लगाई गई रोक के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करेगा. वहीं दूसरी तरफ क्रिप्टोकरेंसी पर केंद्र सरकार द्वारा गठित कमिटी द्वारा अगले महीने के शुरुआती दो हफ्ते में रिपोर्ट सौंप जाने की संभावना है। आपको बता दूं कि रिजर्व बैंक ने क्रिप्टोकरेंसी को गैर-कानूनी घोषित कर  दिया है। साथ ही सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को किसी भी डिजिटल करेंसी में लेन-देन करने या फिर डिटिजल करेंसी खाता खोलने पर रोक लगा दी है। रिजर्व बैंक के इस फैसले के खिलाफ क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर फैसले को ही बेतुका बता दिया है।

उधर, केंद्र सरकार द्वारा भारत में क्रिप्टोकरेंसी का क्या भविष्य होना चाहिए, इसकी क्या अहमियत होनी चाहिए, इन सब बातों पर विचार करने के लिए गठित कमेटी अगले महीने अपनी रिपोर्ट सौंपने वाली है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट से भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर जारी उलझन काफी हद तक सुलझ जाएगी। वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा है कि अगले महीने के शुरुआती दो हफ्तों में भारत क्रिप्टोकरेंसी पर फ्रेमवर्क को पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उस फ्रेमवर्क पर चर्चा होगी और भारत के लिए जो बेहतर होगा वो कदम उठाया जाएगा। 

गर्ग ने कहा कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के लिए अभी तक कोई नियम नहीं बना है।

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