गुरुवार, 9 दिसंबर 2021

क्रिप्टोकरेंसी को मंजूरी देने से धन आपूर्ति पर रिजर्व बैंक का नियंत्रण खत्म हो सकता है: पूर्व गवर्नर

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा कि देश में क्रिप्टोकरेंसी को मंजूरी दिए जाने पर केंद्रीय बैंक धन आपूर्ति और मुद्रास्फीति प्रबंधन पर नियंत्रण खो सकता है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (एनवाईयू) स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस द्वारा आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए राव ने यह भी कहा कि भारत में केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) जारी करने का मामला शायद मजबूत ना हो क्योंकि इसमें पूंजी नियंत्रण का पहलू शामिल है।

उन्होंने बुधवार को कहा, "क्रिप्टो एल्गोरिदम की मदद से चलता है और डर है कि केंद्रीय बैंक धन की आपूर्ति और मुद्रास्फीति प्रबंधन पर नियंत्रण खो सकता है। ऐसी भी चिंताएं हैं कि क्रिप्टो मौद्रिक नीति को बाधित करेगा।"

पूर्व गवर्नर ने कहा, "क्रिप्टो पूंजी नियंत्रण से बाहर जा सकता है; कागजी मुद्रा आरक्षित मुद्रा से जुड़ी हुई है।"

2008 से 2013 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे राव ने कहा कि सीबीडीसी को भी मजबूत डेटा संरक्षण कानूनों की जरूरत है। 

(साभार- पीटीआई भाषा)

अल-सल्वाडोर के बाद बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी को इन देशों ने आधिकारिक मान्यता दी

बिटकॉइन को इस देश ने दी कानूनी मान्यता, जानिए कानूनी मान्यता देने वाला यह पहला देश कौन है

RBI ने बिटकॉइन समेत सभी क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों और कारोबारियों को राहत दी 

ZebPay में Bitcoin जमा करें, बैंक FD जैसा ब्याज पाएं, जानें कैसे

Bitcoin(बिटकॉइन) में कैसे निवेश करें, इससे क्या क्या खरीद सकते हैं 






Plz Follow Me on: 

 


Bitcoin और Crypto में पैसा लगाने वालों के लिए अमेरिका से बड़ी खबर, अमेरिका का CLARITY Act क्या है? Bitcoin और Crypto Investors के लिए क्यों है बड़ा गेमचेंजरI BitcoinInBharatI

अमेरिका का CLARITY Act क्या है? Bitcoin और Crypto Investors के लिए क्यों है बड़ा गेमचेंजर अमेरिका में Crypto Regulation को लेकर लंबे समय से ...