सोमवार, 17 अगस्त 2026

World Gold Council CEO का चौंकाने वाला दावा: Bitcoin शून्य हो जाएगा! क्या BTC सच में जीरो जाएगा? भारतीय निवेशकों के लिए क्या मतलब?| BitcoininBharat

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के CEO डेविड टेट ने बिटकॉइन को लेकर ऐसा बयान दिया है जो क्रिप्टो मार्केट में तहलका मचा रहा है। उन्होंने साफ कहा – “मेरा व्यक्तिगत मत है कि बिटकॉइन शून्य हो जाएगा।”  

यह बयान हाल ही में वायरल हुए एक इंटरव्यू से लिया गया है, जिसमें टेट ने बिटकॉइन को जोखिम वाली एसेट बताया। उनका तर्क है कि संकट के समय बिटकॉइन स्टॉक्स जैसी रिस्क एसेट्स के साथ ही चलता है, जबकि गोल्ड सुरक्षित आश्रय (safe-haven) का काम करता है। उन्होंने इसे “ट्रेडर की सहज प्रवृत्ति” बताया और जोर देकर कहा कि यह वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का आधिकारिक पूर्वानुमान नहीं, बल्कि उनका निजी मत है।  

मुख्य बातें क्या हैं?  

टेट का मानना है कि बिटकॉइन लंबे समय में टिक नहीं पाएगा क्योंकि इसमें सेंट्रल बैंक या बड़े संस्थानों का भरोसा और ठोस उपयोगिता का अभाव है।  

उन्होंने सुझाव दिया कि अगर आपके पोर्टफोलियो में बिटकॉइन है तो गोल्ड भी रखना चाहिए, क्योंकि दोनों एक-दूसरे को बैलेंस कर सकते हैं।  

गोल्ड की मौजूदा मजबूती का कारण सेंट्रल बैंकों की भारी खरीद और सरकारी कर्ज की चिंताएं बताई गईं।  

इस बयान के वायरल होने के समय बिटकॉइन की कीमत लगभग 63,000 डॉलर के आसपास थी, जबकि गोल्ड 4,400 डॉलर प्रति औंस के करीब ट्रेड कर रहा था।  

क्रिप्टो समुदाय की प्रतिक्रिया  

बिटकॉइन समर्थकों ने इस दावे को “गोल्ड लॉबी का स्वाभाविक विरोध” बताया। कई लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में कई दिग्गजों ने बिटकॉइन को शून्य जाने की भविष्यवाणी की थी, लेकिन एसेट अब भी जिंदा है और संस्थागत अपनाने का सिलसिला जारी है। बायनेंस के संस्थापक CZ ने भी कहा कि क्रिप्टो को लेकर कई लोग गलत साबित हुए हैं, समय लगता है।  

भारतीय निवेशकों के लिए क्या मतलब?  

भारत में बिटकॉइन और गोल्ड दोनों की काफी मांग है। गोल्ड तो सदियों से पारंपरिक निवेश का हिस्सा रहा है, जबकि बिटकॉइन युवा पीढ़ी और टेक-सववी निवेशकों में लोकप्रिय हो रहा है। टेट का बयान याद दिलाता है कि किसी भी एसेट क्लास में जोखिम होता है।  

बिटकॉइन को “डिजिटल गोल्ड” कहा जाता है, लेकिन व्यवहार में यह अक्सर जोखिम वाली एसेट की तरह मूव करता है।  

विविधीकरण (diversification) हमेशा बेहतर रणनीति है – सिर्फ एक एसेट पर निर्भर न रहें।  

बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है। लंबी अवधि के निवेशक धैर्य रखें और रिसर्च के आधार पर फैसला लें।  

बिटकॉइन शून्य होगा या नहीं – यह भविष्य तय करेगा। लेकिन इतना तय है कि गोल्ड और बिटकॉइन दोनों की बहस आने वाले सालों में जारी रहेगी।  

आप क्या सोचते हैं? क्या डेविड टेट का यह दावा सही साबित होगा या बिटकॉइन फिर से नई ऊंचाइयां छूएगा? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।  

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