रविवार, 13 सितंबर 2026

ट्रंप व्हाइट हाउस अधिकारी ने कहा: 15 सितंबर को बिटकॉइन और क्रिप्टो क्लैरिटी एक्ट पास होने की मजबूत उम्मीद l BitcoinInBharat l ClarityAct l Bitcoin l CryptoRegulation l Trump

अमेरिका में बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित नियामक स्पष्टता अब करीब आती दिख रही है। ट्रंप व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हाल ही में कहा कि वे 15 सितंबर को “बिटकॉइन एंड क्रिप्टो क्लैरिटी एक्ट” (Clarity Act) के पास होने को लेकर बहुत आशावादी हैं।

क्या है क्लैरिटी एक्ट?

डिजिटल एसेट मार्केट क्लैरिटी एक्ट (CLARITY Act) अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण क्रिप्टो मार्केट स्ट्रक्चर बिल है। इसका मकसद है:

बिटकॉइन और अन्य डिजिटल एसेट्स को सिक्योरिटी या कमोडिटी के रूप में स्पष्ट रूप से वर्गीकृत करना  

SEC और CFTC के बीच अधिकार क्षेत्र साफ करना  

एक्सचेंजों, ब्रोकर्स और DeFi प्रोटोकॉल्स के लिए स्पष्ट नियम बनाना  

क्रिप्टो इंडस्ट्री को सालों पुरानी नियामकीय अनिश्चितता से मुक्त करना  

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने पहले ही इसे पास कर दिया था। अब सीनेट में 15 सितंबर को महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक वोट (क्लोचर वोट) होना है। अगर यह 60 वोट हासिल कर लेता है, तो बिल आगे बढ़ सकता है।

व्हाइट हाउस का रुख

ट्रंप प्रशासन शुरू से ही क्रिप्टो-फ्रेंडली रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद कई मौकों पर कांग्रेस से क्लैरिटी एक्ट पास करने की अपील की है। हालिया अपडेटेड ड्राफ्ट में डेमोक्रेट्स की कई मांगें भी शामिल की गई हैं, जिसमें DeFi से जुड़े नए नियम शामिल हैं। व्हाइट हाउस अधिकारी का आशावादी बयान बाजार में सकारात्मक संदेश दे रहा है।

भारत के लिए क्या मायने रखता है?

अमेरिका में अगर यह बिल पास हो जाता है तो वैश्विक स्तर पर बिटकॉइन और क्रिप्टो को ज्यादा वैधता मिलेगी। भारतीय निवेशकों और कंपनियों के लिए भी यह अच्छा संकेत होगा। जब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था स्पष्ट नियम बना लेगी, तो भारत में भी नियामकीय चर्चाएं तेज हो सकती हैं।

बिटकॉइन की कीमत और क्रिप्टो बाजार अक्सर अमेरिकी नीतिगत फैसलों पर निर्भर करते हैं। 15 सितंबर का वोट इसलिए पूरा क्रिप्टो जगत ध्यान से देख रहा है।

आगे क्या हो सकता है?

वोट प्रक्रियात्मक है, मतलब बिल तुरंत कानून नहीं बन जाएगा। लेकिन अगर क्लोचर पास हो जाता है तो बहस शुरू होगी और आगे बढ़ने का रास्ता खुलेगा। अगर असफल रहता है तो 2026 में यह बिल लगभग खत्म हो सकता है।

क्रिप्टो इंडस्ट्री लंबे समय से “क्लैरिटी” की मांग कर रही है। ट्रंप व्हाइट हाउस अधिकारी का यह बयान उम्मीद जगा रहा है कि आखिरकार वह दिन आ रहा है।



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ट्रंप व्हाइट हाउस अधिकारी ने कहा: 15 सितंबर को बिटकॉइन और क्रिप्टो क्लैरिटी एक्ट पास होने की मजबूत उम्मीद l BitcoinInBharat l ClarityAct l Bitcoin l CryptoRegulation l Trump

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